डायट गौचर में समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का हुआ समापन

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चमोली 
डायट गौचर में समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का हुआ समापन


जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, चमोली (गौचर) में आयोजित पांच दिवसीय समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का आज समापन हो गया। इस कार्यशाला में स्थानीय विद्यालयों के लगभग 140 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों के हस्तलेखन में सुधार लाना, उनके लेख कौशल को विकसित करना तथा उनमें आत्मविश्वास का संचार करना था।

कार्यशाला के दौरान बच्चों को सुंदर, स्पष्ट एवं प्रभावशाली लेखन के विभिन्न गुर सिखाए गए। इस बार समर कैंप का मुख्य फोकस हस्तलेखन पर केंद्रित रहा। कार्यशाला में मुख्य संदर्भदाता के रूप में राजकीय जूनियर हाईस्कूल करूली, विकासखंड बागेश्वर, जिला बागेश्वर के प्रधानाध्यापक नरेंद्र गिरि गोस्वामी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ इसी विद्यालय के छात्र-छात्राओं दीक्षित, योगेश, बबलू बिष्ट, दीक्षा, लता एवं भूमिका ने भी सहभागिता की


समापन सत्र में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि सुंदर हस्तलेखन केवल लिखावट की कला नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व का आईना होता है। उन्होंने कहा कि अच्छा लेखन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है तथा शिक्षा को अधिक प्रभावी और सार्थक बनाता है। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने जानकारी देते हुऐ बताया कि यह लगातार चौथी बार इस प्रकार का समर कैंप आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर पर कक्षा 4 से 9 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक एवं रचनात्मक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि अगला कैंप आगामी जनवरी माह में आयोजित किया जाएगा।
इस बार समर कैंप में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौचर, राजकीय इंटर कॉलेज गौचर, केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी गौचर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गौचर, सरस्वती शिशु मंदिर गौचर, संस्कार द सेकेंडरी स्कूल गौचर, शिवालिक पब्लिक स्कूल गौचर, केशवाज बॉयज स्कूल गौचर, कॉन्वेंट स्कूल नगरासू तथा द इंडियन एकेडमी कर्णप्रयाग प्रमुख रूप से शामिल रहे।
समापन अवसर पर केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी गौचर के प्रधानाचार्य संदीप त्यागी ने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे लेखन के जो व्यावहारिक गुर सिखाए गए हैं,

उनका लाभ उन्हें न केवल परीक्षा में बल्कि जीवनभर मिलेगा। कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य वीरेंद्र सिंह कठैत, बच्चन जितेला, नीतू सूद, गोपाल कपरुवाण सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
समापन सत्र का संचालन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया।


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