जंगलों की आग से बढ़ी पहाड़ों की तपिश, कर्णप्रयाग में बदलता मौसम बना चिंता का कारण
कर्णप्रयाग।
पहाड़ों में लगातार धधक रही जंगलों की आग अब मौसम पर भी असर डालने लगी है। कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में इस बार पड़ रही असामान्य गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां गर्मियों में भी पहाड़ों की हवा में ठंडक रहती थी, वहीं अब दिनभर तेज गर्मी और धुएं जैसी धुंध महसूस हो रही है।
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जंगलों में लगी आग के कारण वातावरण में धुआं फैला हुआ है। इसका असर तापमान पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि शाम तक गर्म हवाएं चल रही हैं। दूर-दराज के पहाड़ भी धुंध और धुएं के कारण साफ नजर नहीं आ रहे।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि कर्णप्रयाग में ऐसी गर्मी पहले बहुत कम देखने को मिलती थी। जिन घरों में कभी फ्रिज या पंखे की जरूरत महसूस नहीं हुई, वहां अब लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पानी और पंखों का सहारा लेने लगे हैं।
पर्यावरण जानकारों के अनुसार जंगलों में लगातार लग रही आग से हरियाली तेजी से खत्म हो रही है, जिससे पहाड़ों का प्राकृतिक तापमान प्रभावित हो रहा है। जंगलों की नमी कम होने और पेड़ों के नुकसान से वातावरण में गर्मी बढ़ रही है। साथ ही धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता भी खराब हो रही है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जंगलों को आग से बचाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पहाड़ों की जलवायु और पहचान दोनों बदल सकती हैं।